प्रदुषण और उसका समाधान।

प्रदुषण और उसका समाधान।
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हमारे वातावरण और पर्यावरण में जब सभी ततयो एक निश्चित मात्रा में शामिल होते है तो तब हमारा जीवन 
आनन्दायक होता है। 

किन्तु जैसे ही हमरे पर्यावरण में कोई गैस अनुमान से अधिक बढ़ जाता है। तो तब हमारे पर्यावरण प्रदूषित 
हो जाती है। उसे हम पर्यावरण कहते है। 

प्रदुषण अनेक प्रकार के होते है। 
१. वायु प्रदुषण 
2 . ध्वनि प्रदुषण 
3 . जल प्रदुषण 
4 . अन्य प्रदुषण 

वायु प्रदुषण 

वायु प्रदुषण - हमारे वातावरण में सभी गई जा निश्चित मात्रा में रहती है तो हमें अपना जीवन बहुत ही आनंदयक पूर्वक जीते है। परन्तु जैसे की गैसों की मात्रा अधिक बढ़ जाती है। हमरा जीवन जीना कितना कठिन हो जाता है। 

वायु प्रदुषण फैक्ट्री और कारखानों से भयंकर गैस निकलने से सबसे जायदा होता है। हमरे गांवो धीरे धीरे 
शहर में बदल रहा है। शहर में इतनी अधिक गाड़ी और मोटरसाइकिल से निकलने वाले धुआँ से 

सबसे ज्यादा प्रदूषित हो रहा है। इसके अनेक कारण जल प्रदुषण हो रहा है। जिससे हमरा जीवन 
अस्त व्यस्त हो गया है। 

जल जल प्रदुषण 

जल प्रदुषण - शहरो और कारखानों से निकलने वाली कचड़े रासायनिक तत्व नदी नालियों में गिरया जा रहा 
है।  जिससे जल प्रदूषित हो रहा है। हम प्रति दिन नालियों को पानी को नदी मिलकर जल प्रदूषित कर 

रहे और उसमे अनेक कूड़ा -कचड़ा नदी में मिलकर हम  जल प्रदूषित हो रहा है। मवेशियों को नदियों में स्नान करने कपड़ो की सफाई करने से सबसे जायदा जल प्रदूषित हो रहा है। 

जल प्रदुषण तीन प्रकार के होते है 

भौतिक जल प्रदुषण -से जल में हमरे जल में गंध और उष्मायी गुणों में परिवर्तन हो जाता है। 

रासायनिक जल प्रदुषण - रासायनिक जल प्रदुषण फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाली पदार्थो को जल में 
में मिलकर रासायनिक जल प्रदुषण हो रहा है। 

जैविक जल प्रदुषण - जल में अनेक रोग जनक जीवो के कारन जल प्रदूषित हो रहा है।  

   धवनि  प्रदूषण 

 धवनि प्रदूषण - धवनि   प्रदुषण को सम्म्स्या  दिनों -दिनों बढ़  रही है।  क्योकि की वाहनों  की  संख्या   बढ़  रही है।  पेड़   वाहनों की आवाज और उनके धुये से  हमरा पर्यावरण  प्रदूषित हो रहा है। विभीन अवसर पर पूजा पैट के अवसर पे लाउड सपीकर बजाकर हमरी पर्यावरण को प्रदूषण होती है। 

ध्वनि प्रदुषण के स्रोत दुनिया भर में सबसे जयादा ध्वनि प्रदुषण हमरे परिवहन और रेल से आवाज निकलती है 
वह शोर भी शामिल है। ध्वनि प्रदुषण धीरे - धीरे और जायदा हो सकता है जिससे हमरे कानो और मसटीको 

पर सबसे जायदा बुरा प्रभाव परता है।  ध्वनि प्रदूषण सबसे जयादा जो हमरे पर्व के दिन हमलोग 
लाउड स्पीकर में सो बॉक्स बजाते उस से भी होता है। दिवाली में हमलोग ढेर साडी बम -पटके जलकर सासबसे 

ज्यादा जल प्रदूषित कर रहे है। 


प्रदुषण का समाधान 

प्रदुषण के समाधान के लिए हमें निम्नलिखित कार्य करने होंगे 

1 विर्क्ष रोपण करना होगा जिससे हमें अधिक -अधिक पेड़ लगाने होंगे ताकि प्रदुषण को काम किया जय 
   और हम सभ प्रदूषण बच सकते है। जितना ज्यादा पेड़ लगाना होगा 

2 अनधुन पेड़ो की कटाई पर रोक लगनी होगी। अगर हम पेड़ो की अनधुन कटाई पर रोक लगा देंगे 
   जिससे हमर प्रदूषण और भी काम होगा। इसलिए हमें पेड़ो की अनधुन कटाई पर रोक लगाना होगा। 

3 सहरो और कारखानों से निकलने वाली पदार्थो को नदी में मिलाने से रोक लगनी होगी। 
  अगर हम रोक नहीं लगते हम लोगो सारा जल प्रधूषत हो जाएगा। 


इस प्रकार पर्यावण को हम सुरछित रख सकते है।  हमें समाधान करने के लिए ज्यादा जायदा
प्रदुषण पे हमे ध्यान देना चाहिए अगर हम ध्यान नहीं देंगे तो हमरा देश प्रदूषित हो ज्यागा

और कुछ समय बाद हमलोग को मुसीबत में पर सकते इसलिए हमें पेड़ो की अनधुन कटाई पर
रोक लगनी होगी तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने होने जिससे पर्यावरण स्वच्छ रखा जा सकता है


हमें नदियों में कूड़ा -कचड़ा को फेखने से रोक लगाना होगा ताकि हम जल प्रदूषित होने बच सकता है
हमें नदियों कूड़ा नहीं फेकना चाहिए।


ध्वनि प्रदुषण हमें पर्व के सुबह अवसर पे बॉक्स बजाते है। उसमे कम से काम बॉक्स बजाना चहिये
जिससे हम ध्वनि प्रदूषण से बच सकते है तथा दीपावली में जो हमलोग बम कम से कम जलना चाहिए

बम जलने से भी अधिक से  ध्वनि प्रदुषण हो रही है। 



















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